कौन है वह जो भटक रहा है धरती पर 3000 वर्षों से धर्म की रक्षा हेतु धर्म युद्ध के लिए

By Tejnews.com Sun, Nov 20th 2016 अजबगजब

वह जो 3000 वर्षों से धरती पर भटक रहा है धर्म की रक्षा हेतु जो आज भी जीवित है धर्म युद्ध के लिए!!
अलग-अलग लोगों की अलग-अलग मान्यता है। यह वह इंसान है जो महाभारत काल से जीवित है, और आज भी कई लोगों को दिखाई देते हैं। महाभारत काल से लेकर आज तक यह योद्धा धरती के अलग-अलग स्थानों पर भटक रहा है।

मगर ऐसा क्यों? क्या सच में यह एक धर्म युद्ध के लिए जीवित है? दयावान भगवान ने ऐसे योद्धा को इतना गंभीर श्राप क्यों दिया?
महाभारत युद्ध में ऐसी क्या गलती की थी इस योद्धा ने जिसका इसको इतना बड़ा मूल्य चुकाना पड़ रहा है?
महाभारत युद्ध में तो बड़े-बड़े छल हुए थे, पाप हुए थे, तो किसी और को तो ऐसी सजा नहीं मिली!यह एक उस इन्सान के बारे में कहानी है जिसके बारे में कहा जाता है कि वो धरती पर 5000 से 6000 वर्षों तक जीवित रहेगा। कुछ लोग मानते हैं कि वह 3000 वर्षों तक धरती में अलग-अलग इन्सान के रुप लेकर यहां से वहां भटकता रहेगा। बहुत से लोगों का ऐसा भी मानना है कि यह जीवित है किसी एक बड़े धर्म युद्ध के लिए।
अगर भगवान कृष्ण पर आपका अटूट विश्वास है और आप मानते हैं कि भगवान कृष्ण तो गलती कर नहीं सकते, तो आप भी जानते होंगे इसके पीछे भी कोई-न-कोई कारण अवश्य रहा होगा। और अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप बिल्कुल सही है, भगवान कृष्ण ने बहुत आगे की सोच कर ही इस योद्धा को ऐसा श्राप दिया। कौन है वह महान योद्धा जो ऐसे धरती पर यहां से वहां भटक रहा है? क्या है उसका नाम?
अर्जुन ने अपनी तलवार से अश्वत्धामा के सिर के केश काट डालें और उसके मस्तक से मनी निकाल डाली जिसके कारण वह श्रीहीन हो गया। उसके पश्चात भगवान श्री कृष्ण ने अश्वत्धामा को 6000 वर्ष तक यूंही भटकने का श्राप दिया। केश काटने के पश्चात अर्जुन ने अश्वत्धामा को अपने शिविर से बाहर निकाल दिया। जिस कारण से इस महान योद्धा का नाम महाभारत की हिंसा और अभिशाप में खों सा गया।
इसके पीछे का कारण:-

कहानी कुछ इस प्रकार है कि एक बार तो सब ने अश्वधामा को माफ करने को कहा किंतु भगवान श्रीकृष्ण ने उसको धरती पर भटकने का श्राप दे दिया। ऐसा क्या हुआ था की भगवान श्री कृष्ण ने उसे माफ़ ना करते हुए श्राप दे दिया?
इसका जवाब हमें भविष्य पुराण में मिलता है
सनातन धर्म की पुस्तक भविष्य पुराण में लिखा गया है कि आने वाले वक्त में सनातन धर्म पर घोर संकट आएगा। तब इंसानों की सोच बहुत गिर चुकी होगी और संसार हर तरफ से सनातन धर्म को समाप्त करने की कोशिश में लगा होगा। यह वक्त कलयुग के अंत में होगा।
ऐसा कहा जाता है की उस समय ही भगवान विष्णु का कल्कि अवतार आएगा और उस समय कल्कि अवतार की सेना में अश्वत्थामा भी मौजूद होंगे।
ऐसा केवल भविष्य पुराण में ही नहीं है बल्कि अलग अलग पुराणों में इसका जिक्र किया गया है जिसमें यह भी कहा गया है कि जो लोग हजारों वर्षों से जीवित है और यहां वहां भटक रहे हैं यह सब कल्कि भगवान की सेना में शामिल होकर अधर्म के विरुद्ध युद्ध लड़ेंगे।

Similar Post You May Like

  • 90 साल में बनकर तैयार हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी गौतम बुद्ध की मूर्ति

    90 साल में बनकर तैयार हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी गौतम बुद्ध की मूर्ति

    दुनिया में कई तरह की धारणा सदियों से चलती आ रही है. जिनके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क न होने पर भी लोग पीढ़ियों तक इसे मानते आ रहे हैं. जैसे हमारे यहां कहा जाता है कि सुबह-सुबह अपने किसी प्रियजन का चेहरा देखना चाहिए, जिससे कि हमारा पूरा दिन अच्छा गुजर सके. इसी तरह चीन के लेशान में स्थित महात्मा बुद्ध की विशाल प्रतिमा को देखकर, लोग अपने नए साल की शुरूआत करते हैं. इनकी मान्यता है कि नए साल की शु

  • शंगचुल महादेव मंदिर – घर से भागे प्रेमियों को मिलता है यहां आश्रय

    शंगचुल महादेव मंदिर – घर से भागे प्रेमियों को मिलता है यहां आश्रय

    हिमाचल प्रदेश जितना अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण जाना जाता है उतना ही यहां की परंपराओं के कारण भी। आज हम आपको बता रहा है कुल्लू के शांघड़ गांव के देवता शंगचूल महादेव के बारे में जो घर से भागे प्रेमी जोड़ों को शरण देते हैं। पांडव कालीन शांघड़ गांव में कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं। इन्ही में से एक हैं यहां का शंगचुल महादेव मंदिर। शंगचूल महादेव की सीमा में किसी भी जाति के प्रेमी युगल अगर

  • जानिए अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया की कुछ अनजानी और रोचक बातें

    जानिए अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया की कुछ अनजानी और रोचक बातें

    अघोर पंथ हिंदू धर्म का एक संप्रदाय है। इसका पालन करने वालों को अघोरी कहते हैं। अघोर पंथ की उत्पत्ति के काल के बारे में अभी निश्चित प्रमाण नहीं मिले हैं, परन्तु इन्हें कपालिक संप्रदाय के समकक्ष मानते हैं। ये भारत के प्राचीनतम धर्म “शैव” (शिव साधक) से संबधित हैं। अघोरियों को इस पृथ्वी पर भगवान शिव का जीवित रूप भी माना जाता है। शिवजी के पांच रूपों में से एक रूप अघोर रूप है। अघोरी हमेशा

  • क्यों पैदा होते हैं ट्रांसजेंडर (किन्नर)

    क्यों पैदा होते हैं ट्रांसजेंडर (किन्नर)

    ट्रांसजेंडर लोग आमतौर वह होते हैं जिन्हें न तो पुरुष और न ही महिला की कैटेगरी में रखा जा सकता है। ट्रांसजेंडर लोगों में पुरुष और महिला दोनों के ही गुण हो सकते हैं। ऊपर से पुरुष दिखाई देने वाले किसी व्यक्ति में इंटरनल ऑर्गन और गुण महिला के हो सकते हैं और ऐसे ही ऊपर से महिला नजर आने वाले किसी व्यक्ति में पुरुषों वाले गुण और ऑर्गन्स हो सकते हैं। क्यों पैदा होते हैं ट्रांसजेंडर ट्रां

  • पहले की 25 शादियां, जिनसे हैं इतने बच्चे, अब लगाने पड़ रहे हैं कोर्ट के फेरे

    पहले की 25 शादियां, जिनसे हैं इतने बच्चे, अब लगाने पड़ रहे हैं कोर्ट के फेरे

    मॉन्ट्रियल: हाल ही में कनाडा में बहुविवाह का एक मामला सामने आया है। जिसके चलते यहां की अदालत ने सोमवार को अपने ऐतिहासिक फैसले में देश में बहुविवाह की प्रथा पर प्रतिबंध को सही ठहराते हुए दो व्यक्तियों को बहुविवाह का दोषी ठहराया। इन दोनो व्यक्तियों की शादी और बच्चों के बारे में सुनकर आप जरूर हैरान हर जाएंगे। दोषी ठहराये गये व्यक्तियों में से एक की 25 पत्नियां और 146 बच्चे हैं जबकी दूसर

  • इस राजा की थी 365 रानियां, उनके खास महल में केवल निर्वस्‍त्र हीं कर सकते थे एंट्री

    इस राजा की थी 365 रानियां, उनके खास महल में केवल निर्वस्‍त्र हीं कर सकते थे एंट्री

    भारत के एक महाराजा अपनी रंगीन मिजाजी के लिए काफी मशहूर रहे। इस रंगीन मिजाजी के सच्चे किस्से आपको चौंका देंगे। हम बात कर रहे हैं पटियाला रियासत के महाराजा और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के दादा महाराजा भूपिंदर सिंह की। पटियाला के इन महाराजा की गतिविधियों का जिक्र महाराजा भूपिंदर सिंह के दीवान जरमनी दास ने अपनी किताब 'महाराजा' में किया है। महाराजा भूपिंदर सिंह ने पटियाला

  • इस देश में हर साल समुद्र हो जाता है लाल, कारण जानकर रह जाएंगे दंग

    इस देश में हर साल समुद्र हो जाता है लाल, कारण जानकर रह जाएंगे दंग

    अगर इस तस्वीर को देखें तो इसमें समुद्र में पानी का रंग साफ तौर पर लाल दिखेगा. ये तस्वीर पिछले 48 घंटों से पूरी दुनिया में वायरल हो रही है. केवल ये ही नहीं, इस तरह की कई और तस्वीरें भी पूरी दुनिया में वायरल हो रही हैं. सच्चाई जानेंगे तो स्तब्ध रह जाएंगे. हां, समुद्र के लाल रंग की वजह खून ही है. त्योहार के लिए करीब एक हजार व्हेल मछलियों को मारने से ऐसा हुआ है. खूनी त्योहार से होता है समुद्र ला

  • ये हैं भारत के रहस्यमयी खजाने जिनकी खोज अभी है बाकी...

    ये हैं भारत के रहस्यमयी खजाने जिनकी खोज अभी है बाकी...

    एक समय था जब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, मगर भारत को विदेशियों ने इतनी बार लूटा कि यहां का सारा खजाना खत्म हो गया। यही दौलत दुनिया भर के हमलावरों को भी अपनी ओर खींचती थी। इसीलिए उस दौर के राजा अपने खजानों को बचाने के लिए इनसे जुड़ी जानकारियां गुप्त रखते थे। उस दौरान कई क्रूर आक्रमणकारी भले ही राजाओं की सत्ता छीनने में कामयाब रहे, लेकिन वे कई छिपे हुए खजानों को हासिल नहीं कर सक

  • यहां जलती चिताओं के पास आखिर क्यों पूरी रात नाचती हैं सेक्स वर्कर?

    यहां जलती चिताओं के पास आखिर क्यों पूरी रात नाचती हैं सेक्स वर्कर?

    जहां लाशों का आना और चिता का जलना कभी नहीं थमता, वहीं अगर उसी चिता के करीब कोई महफिल सजा बैठे और शुरू हो जाए श्मशान में डांस तो उसे आप क्या कहेंगे? काशी का वह श्मशान जहां चिता की आग कभी ठंडी नहीं होती और जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां चिता पर लेटने वाले को सीधा मोक्ष मिलता है। जहां लाशों का आना और चिता का जलना कभी नहीं थमता, वहीं अगर उसी चिता के करीब कोई महफिल सजा बैठे और शुरू हो जाए श

  • भारत का एक मात्र श्मशान जहां लाशों से भी वसूलते हैं पैसे......

    भारत का एक मात्र श्मशान जहां लाशों से भी वसूलते हैं पैसे......

    हिंदू रीति रिवाजों के मुताबिक सिर्फ दिन में ही दाह संस्कार किया जाता है लेकिन गंगा के तट पर मणिकर्णिका घाट भारत का एक मात्र ऐसा घाट है जहाँ दिन रात यानि 24 घंटे शवों का दाह संस्कार किया जाता है। बनारस की तीन चीज़ें पूरे संसार में प्रसिद्ध है। काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारसी साड़ी और मणिकर्णिका घाट। हिंदू रीति रिवाजों के मुताबिक सिर्फ दिन में ही दाह संस्कार किया जाता है लेकिन गंगा के तट

ताज़ा खबर