टेनिस सनसनी से सुपर सानिया तक

By Tejnews.com Fri, Sep 29th 2017 अन्य खेलों     

भारत की टेनिस सनसनी से सुपर सानिया में तब्दील हुईं दुनिया के नंबर एक युगल टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा ने एक बार फिर इतिहास रचा है। सानिया और स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने विंबलडन महिला युगल खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ सानिया ने पहली बार महिला युगल का ग्रैंड स्लैम जीता। यह कारनामा करने वाली वे पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।
छह साल की उम्र में थामा रैकेट
सानिया मिर्जा का जन्म 15 नवंबर 1986 को मुंबई में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई हैदराबाद के एनएएसआर स्कूल में हुई। हैदराबाद के ही सेंट मैरी कॉलेज से उन्होंने स्नातक किया। सानिया के पिता इमरान खेल रिपोर्टर थे और मां नसीमा मुंबई में प्रिंटिंग व्यवसाय से जुड़ी एक कंपनी में काम करती थीं। सानिया का बचपन पारंपरिक शिया खानदान में गुजरा। सानिया को कामयाब बनाने में उनके पिता का अहम योगदान है। हैदराबाद के निजाम क्लब में सानिया ने छ्ह साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया। महेश भूपति के पिता और भारत के सफल टेनिस प्लेयर सीके भूपति से सानिया ने अपनी शुरुआती कोचिंग ली। पैसे की कमी के चलते सानिया के पिता ने कुछ बड़े व्यापारिक समूहों से स्पांसरशिप ली। हैदराबाद से शुरुआत करने के बाद वह अमेरिका की टेनिस अकेडमी गईं।
17 साल में विंबलडन चैंपियन
सानिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 1999 में विश्व जूनियर टेनिस चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर की। उस समय वे महज 14 साल की थीं। उसके बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मैचों में शिरकत की और सफलता भी पाई। 2003 में उनकी किस्मत चमकी जब वाइल्ड कार्ड एंट्री करने के बाद उन्होंने जूनियर विंबलडन में डबल्स में जीत हासिल की।
सानिया की उपलब्धियां
2007 के मध्य में सानिया की एकल में अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग 27 तक पहुंच गई थी जो किसी भी भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा थी। 2006 में दोहा में हुए एशियाई खेलों में उन्होंने लिएंडर पेस के साथ मिश्रित युगल का स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं के एकल मुकाबले में दोहा एशियाई खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता। 2009 में उन्होंने महेश भूपति के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन का मिक्स डबल्स खिताब जीता। इसी के साथ वो ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। इसी साल अप्रैल में सानिया और हिंगिस की जोड़ी ने नंबर-1 की रैंकिंग हासिल की। वे नंबर वन टेनिस रैंकिंग तक पहुंचने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। वे पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से भारत की नंबर वन महिला टेनिस प्लेयर बनी हुई हैं।
सानिया के ग्रैंड स्लैम:
-2009 में महेश भूपति के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन का मिक्स डबल्स खिताब जीता।
-2012 में महेश भूपति के साथ फ्रेंच ओपन मिक्स डबल्स खिताब जीता।
-2014 में ब्राजील के ब्रूनो सुआरेस के साथ यूएस ओपन मिक्स डबल्स खिताब जीता।
-2015 में मार्टिना हिंगिस के साथ विंबलडन का युगल खिताब भी अपने नाम किया।
-इसके अलावा सानिया मिर्जा मिक्स डबल में दो बार व डबल में एक बार उपविजेता भी रही हैं।
सानिया को मिले सम्मान
16 साल की उम्र में 2004 में सानिया मिर्जा को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। महज 18 साल की उम्र में 2006 में 'पद्मश्री' दिया गया। वो यह सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं। 2006 में ही सानिया को अमेरिका में विश्व की टेनिस की दिग्गज हस्तियों के बीच डब्लूटीए का 'मोस्ट इम्प्रेसिव न्यू कमर' चुना गया। सानिया को पूरे करियर में 50 लाख डॉलर (31.60 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि मिल चुकी है।
पाक नहीं जाने की शर्त पर हुई शादी
सानिया मिर्जा और शोएब मलिक की शादी किसी ड्रामा फिल्म से कम नहीं थी। उनकी शादी में कई अड़चनें आईं। पहले तो सानिया के पिता शादी के लिए तैयार नहीं थे। बाद में वो इस शर्त पर राजी हुए कि सानिया शादी के बाद या तो भारत में रहेंगी या दुबई में, वे पाकिस्तान नहीं जाएंगी। शोएब ने ये शर्त मानी तब दोनों की शादी हुई। इसके बाद हैदराबाद की एक लड़की ने खुद को शोएब की पत्नी करार दिया। काफी हंगामे के बाद ये मामला शांत हुआ। सानिया आज भी छुट्टियों में हैदराबाद अपने पिता के पास आती हैं और दुबई में अपने अपार्टमेंट में रहती हैं।

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