विन्ध्य प्रदेश में रियासतें मिली थी, बघेलखंड- बुंदेलखंड के दिल नही..

By Tejnews.com 2020-12-09 राजनीति     

01 अप्रैल 1948 में नवनिर्मित विन्ध्य प्रदेश का ए.एन. गाडगिल ने उदघाटन किया। इसमें 35 रियासतों (राज्यो) को मिलाकर एक इकाई विन्ध्य प्रदेश का निमार्ण किया गया था। लेकिन बघेलखण्ड और बुंदेलखंड की पूर्व से चली आ रही खुन्नस कायम रही। इसी वजह से दो मंत्रिमंडल बने। बघेलखण्ड की राजधानी रीवा और बुंदेलखंड की राजधानी नौगाँव बनाई गई। बघेलखण्ड का मंत्रालय वेंकटभवन और नौगाँव की रेसीडेंसी हाउस बनाया गया था।

बघेलखण्ड:-
1. कप्तान अवधेश प्रताप सिंह (प्रधानमंत्री)
2. राजा शिव बहादुर सिंह (मंत्री)
3. हरउल नर्मदा प्रसाद सिंह (मंत्री)
4. श्री सत्यदेव (मंत्री)
बुंदेलखंड:-
1. कामता प्रसाद सक्सेना (प्रधानमंत्री)
2. श्री गोपाल शरण सिंह (मंत्री)
3. श्री लालराम बाजपेयी (मंत्री)
4. श्री रामसहाय तिवारी ( मंत्री)

विंध्यप्रदेश गठन के 100 दिन बाद बघेलखण्ड और बुंदेलखंड के एकीकरण किया गया। मंत्रिमंडल में शामिल एक एक सदस्य को छोड़कर सभी पहले वाले ही मंत्रिमंडल में शामिल किए गए। कप्तान अवधेश सिंह प्रधानमंत्री मनोनीत किये गए जबकि उप प्रधानमंत्री श्री कामत प्रसाद सक्सेना को बनाया गया। मंत्री शिव बहादुर सिंह, हरउल नर्मदा प्रसाद सिंह, श्री सत्यदेवजी, श्री गोपाल शरण सिंह और श्री चर्तुभुज पाठक बनाये गए। तब तक ये तय नही था कि देश मे प्रधानमंत्री का एक पद रहेगा और प्रदेश में मुख्यमंत्री।

प्रदेश के पहले मुख्य सचिव नियुक्त किये गए सी.बी.राव आई.सी.एस. और सेलेक्शन कमेटी चेयरमैन बनाये गए थे पंडित राजभानु सिंह तिवारी। नए बने विंध्यप्रदेश में 2 संभाग और 8 जिले नए सिरे से बनाये गए। सतना जो रघुराजनगर तहसील मुख्यालय था अब जिला बना गया। बघेलखण्ड संभाग में रीवा, सतना, शहडोल, सीधी और बुंदेलखंड संभाग में पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ, दतिया शामिल किया गया।

01 सितंबर 1948 को "रीवा चीफ कोर्ट" "विंध्यप्रदेश हाईकोर्ट" घोषित हुआ। 12 सितंबर को विंध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी का चुनाव हुआ। प्रदेश प्रधानमंत्री कप्तान अवधेश प्रताप सिंह का सादगी, साफगोई और देश परिवेश था, न कोई सुरक्षा और न ही कोई तामझाम था। कप्तान साहब सरकारी ने सरकारी बंगला नही लिया बल्कि पूरे घर मे ही रहते थे। सभी से मिलते थे छोटे बड़े का कोई भेदभाव नही था, खादी कपड़े पहनते थे और कई बार मंत्रालय रिक्से में चले जाते थे।

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