घरेलू ब्यूटी पार्लर ने संवार दी रीना की तकदीर (सफलता की कहानी)

By Tejnews.com 2020-01-09 PR     

बदलते दौर में महिलाएं घर गृहस्थी के दायरे से निकलकर रोजगार क्षेत्र में भी जगह बना रही हैं। उन्तीस वर्षीया सैंथोल की रहने वाली रीना भी ऐसी ही महिला हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि महिलाएं न केवल क्षमतावान हैं, बल्कि अगर वे ठान लें, तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है।
रीना ने अपने पैरों पर खड़े होकर न सिर्फ स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि वे परिवार का सहारा भी बनी हैं। उनके कैरियर को दिशा देने व आत्मनिर्भर बनाने में मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित स्वसहायता समूह मददगार बना है। जिसके माध्यम से उन्होंने ना सिर्फ ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण हासिल किया, बल्कि समूह से पांच हजार रूपये और ग्राम संगठन से दस हजार रूपये बतौर ऋण लेकर घरेलू ब्यूटी पार्लर भी शुरू कर दिया।
रीना ने ग्रामीण इलाके में अपने घर पर ही छोटे स्तर पर ब्यूटी पार्लर का कार्य शुरू किया, तब उन्हें पता नहीं था कि यह काम इतना आगे बढ़ेगा और उन्हें इतनी कामयाबी मिलेगी। आज उनके यहां उनके गांव समेत आसपास के छः-सात गांवों की महिलाएं एवं लड़कियां उनके ब्यूटी पार्लर में सौन्दर्य सज्जा के लिए आती हैं। वे भी ग्राहक की पसंद पर आधुनिकता को ध्यान में रखकर सजाने-संवारने का कार्य करती हैं।
रीना शादियों के सीजन में बाहर का भी काम ले लेती हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। कम पूंजी और छोटे स्तर पर शुरू किए गए ब्यूटी पार्लर के काम से रीना अच्छी कमाई कर लेती हैं। आर्थिक निर्भरता प्राप्त होने पर रीना का समाज में रूतबा बना है और जीवन अच्छी तरह बीत रहा है। वह कहती हैं,‘‘ पहले से घर की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अपनी कमाई से सबसे पहले घर में टॉयलेट एवं बाथरूम बनवा लिया है।‘‘ ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती संतमती खलको कहती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में समूहों के जरिए तमाम महिलाओं ने आत्मनिर्भता प्राप्त की है।

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