शरदोत्सव की समापन संध्या में अभिजीत भट्टाचार्य के गीतो की रही धूम

By Tejnews.com 2017-10-08 रीवा रीजन     

सतना: संस्कृति संचालनालय म.प्र. द्वारा जिला प्रशासन सतना दीनदयाल शोध संस्थान के सहयोग से चित्रकूट में पारम्परिक नृत्य एवं गायकी पर केन्द्रित तीन दिवसीय शरदोत्सव की समापन संध्या में मुम्बई के प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य के गीतो की धूम रही। शरदोत्सव की समापन संध्या का शुभारंभ भारत सरकार के संसदीय कार्य एवं सांख्यिकीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल म.प्र. शासन की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव, ललिताम्बा पीठ के पीठाधीश्वर जयराम दास जी महाराज, हाईकोर्ट इलाहाबाद के न्यायामूर्ति डी.एस.त्रिपाठी एवं कामदगिरी प्रमुख द्वार के संत मदनगोपालदास ने दीप प्रज्जलन कर किया। इस मौके पर वेदांती आश्रम के महंत रामकृष्णदास वेदांती महाराज, रामानंद आश्रम के बलरामदास जी महाराज, शांतिदास, नागा रामकृमारदास महाराज और कबीर आश्रम के साहब बाबा भी उपस्थित थे।
शरदोत्सव की समापन सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ करते हुये केन्द्रीय राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि श्रेष्ठ पुरूषो के कृतित्व और ब्यक्तित्व से आने वाली पीढी मार्गदर्शन लेकर सही मार्ग पर चलती है। राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख का स्मरण करते हुये उन्होने कहा कि नानाजी के कृतित्व ने राम की तपोस्थली और वन प्रांतर अंचलो मे नई चैतन्यता जगाने का काम किया है। म.प्र. शासन की महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव ने कहा कि नानाजी ने सोशित और उपेक्षित लोगो को समाज में सम्मान दिलाने और उन्हे आत्मनिर्भर बनाने के जो काम किये है वे सभी के लिये अनुकरणीय है। शरदोत्सव की समापन संध्या के मंच पर आकर पार्श्वगायक अभिजीत भट्टाचार्य ने नानाजी देशमुख को श्रद्धाजंलि अर्पित कर गायन की शुरूआत की। उन्होने बडी मुश्किल है खोया मेरा दिल है....वादा रहा सनम हमारी चाहतो का मिट सकेगा का फसाना सनम........और ओ माझी रे गगीत के गायन में दर्शको और श्रोताओ को भाव विभोर किया। शरदोत्सव की समापन संध्या पर संगीत का आंनद लेने के लिये फतेहपुर बांदा कर्वी इलाहाबाद पन्ना छतरपुर टीकमगढ रीवा आदि दूर दराज के क्षेत्रो से भी लोग बडी तदाद मे उपस्थित हुये।

Similar Post You May Like

ताज़ा खबर

Popular Lnks