इसरो ने किया सार्क सेटेलाइट का सफल प्रक्षेपण

By Tejnews.com Tue, Oct 3rd 2017 विज्ञान     

दक्षिण एशिया उपग्रह (सार्क) या जीसैट-9 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी-एफ09) रॉकेट के जरिये शुक्रवार शाम प्रक्षेपित किया गया। इस उपग्रह को रॉकेट से शुक्रवार शाम 4.57 बजे आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया गया।

बता दें कि करीब 49 मीटर लंबा और 450 टन वजनी जीएसएलवी तीन चरणों वाला रॉकेट है। इसमें पहला चरण ठोस ईंधन, दूसरा चरण तरल ईंधन और तीसरा क्रायोजेनिक इंजन है। जीसैट-9 को दक्षिण एशियाई देशों के कवरेज क्षेत्र के साथ कू-बैंड में विभिन्न संचार अनुप्रयोगों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है।

इसरो ने कहा है कि जीसैट-9 मानक प्रथम-2के बस के तहत बनाया गया है। उपग्रह की मुख्य संरचना घनाकार है, जो एक केंद्रीय सिलेंडर के चारों तरफ निर्मित है। इसकी मिशन अवधि 12 साल से ज्यादा है।

Similar Post You May Like

  • अंतरिक्ष से आती हैं ऐसी डरावनी आवाजें, NASA ने पहली बार जारी किए 22 ऑडियो टेप

    अंतरिक्ष से आती हैं ऐसी डरावनी आवाजें, NASA ने पहली बार जारी किए 22 ऑडियो टेप

    नई दिल्ली: हम सभी को जानने की उत्सुक्ता रहती है कि जमीर से दूर आसमान में जिंदगी कैसी होती होगी? अंतरिक्ष में कैसी आवाजें आती होंगी. जो अंतरिक्ष में जाता होगा वो कैसे वहां जीता होगा? कई सवाल हैं जिनका जवाब हमें अब तक नहीं मिल पाया है. लेकिन नासा ने एक सवाल का जवाब तो दे दिया है. आखिर अंतरिक्ष में कैसी आवाजें आती है? जी हां, नासा ने 22 ऑडियो टेप जारी किए हैं. जो सुनने में काफी डरावनी लग रही हैं.

  • नासा ने रचा इतिहास, बृहस्पति पहुंचा जूनो अंतरिक्षयान

    नासा ने रचा इतिहास, बृहस्पति पहुंचा जूनो अंतरिक्षयान

    नासा के मानवरहित अंतरिक्षयान जूनो ने बृहस्पति की कक्षा में घूमना शुरू कर दिया है। सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह की उत्पत्ति का रहस्य सुलझाने के लिए शुरू किए गए 1.1 अरब डॉलर के इस मिशन की यह एक प्रमुख उपलब्धि है। नासा की कैलिफोर्निया स्थित जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में अभियान नियंत्रण से जुड़े एक कमेंटेटर ने कहा, ‘‘बृहस्पति पर स्वागत है।’’ बृहस्पति की लक्षित कक्षा में सौर वेधशाला के सफ

  • भारत के प्रथम स्वदेशी अंतरिक्ष यान आरएलवी का सफल प्रक्षेपण

    भारत के प्रथम स्वदेशी अंतरिक्ष यान आरएलवी का सफल प्रक्षेपण

    भारत ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से अपना प्रथम स्वदेशी दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रक्षेपण यान (आरएलवी) को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के निदेशक देवी प्रसाद कार्णिक ने बताया, "हमने आरएलवी-टीडी मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसे यहां से सुबह सात बजे प्रक्षेपित किया गया।" इस 1.7 टन वजनी आरएलवी को आंध्र प

  • इसरो बनाएगा विश्व रिकॉर्ड, एक रॉकेट के साथ 83 उपग्रह भेजने की है योजना

    इसरो बनाएगा विश्व रिकॉर्ड, एक रॉकेट के साथ 83 उपग्रह भेजने की है योजना

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो का इरादा नए साल की शुरुआत में एक रॉकेट से 83 उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का है। एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी का ऑर्डर बुक 500 करोड़ रुपये का है, जबकि और 500 करोड़ रुपये के लॉन्च ऑर्डर के लिए सौदेबाजी जारी है। एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक राकेश शशिभूषण ने कहा, "हमार

  • एक ही साथ 103 विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा इसरो

    एक ही साथ 103 विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा इसरो

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) फरवरी के पहले हफ्ते में अपने प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी37 का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड 103 उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी दक्षिण एशियाई उपग्रह परियोजना मार्च में शुरू होगी । फरवरी में जिन 100 से ज्यादा उपग्रहों का प्रक्षेपण होना है वे अमेरिका और जर्मनी सहित कई अन्य देशों के हैं। इसरो के लिक्विड प्रॉपल्

  • इसरो ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, अंतरिक्ष में एक साथ भेजे 104 उपग्रह

    इसरो ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, अंतरिक्ष में एक साथ भेजे 104 उपग्रह

    इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने मेगा मिशन लॉन्च कर विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। बुधवार सुबह चेन्नई से करीब 125 किलोमीटर दूर श्री हरिकोटा से इसरो ने एक रॉकेट से 104 उपग्रह प्रक्षेपित किए। भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी देश ने एक रॉकेट से एक साथ 104 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे हैं। पीएसएलवी-सी37/कार्टोसेट-2 श्रृंखला के सेटेलाइट मिशन के प्रक्षेपण के लिए सु

  • ISRO आज लॉन्च करेगा सबसे भारी रॉकेट GSLV MK 3D1

    ISRO आज लॉन्च करेगा सबसे भारी रॉकेट GSLV MK 3D1

    भारत के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी एमके थ्री का श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केन्द्र से प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे से अधिक की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। ISRO का यह रॉकेट संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर जाएगा। जीएसएलवी एमके थ्री-डी 1 रॉकेट को सोमवार शाम 5 बजकर 28 मिनट पर यहां से तकरीबन 120 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांच पैड से उड़ान भरना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने क

  • GSLV-Mk III रॉकेट अंतरिक्ष के लिए रवाना, साथ में है GSAT-19 संचार उपग्रह

    GSLV-Mk III रॉकेट अंतरिक्ष के लिए रवाना, साथ में है GSAT-19 संचार उपग्रह

    भारत ने सोमवार को अपने सबसे वजनी जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट को श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष के लिए छोड़ा। जीएसएलवी मार्क-3 अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह लेकर गया है, जिसे वह कक्षा में स्थापित करेगा। जीएसएलवी श्रृंखला के इस सबसे वजनी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 ने सोमवार को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से अपराह्न 5.28 बजे पहली बार उड़ान भरी। 43.43 मीटर लंबा और 640 टन वजनी यह रॉके

ताज़ा खबर

Popular Lnks