बरौंधा थाने के वीरगढ़ जंगल में सर्चिंग के दौरान दबोचे गए तीन डकैत

By Tejnews.com 2017-07-29     

सतना। तराई में तीन लोगों को जिंदा जलाने और हेडमास्टर के अपहरण के बाद तीस हजार का इनामी डकैत ललित पटेल एमपी और यूपी पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। डकैत गैंग को पकडऩे के लिए पुलिस ने अभियान चला रखा है। बीते दिनों दस्यु ललित पटेल के तीन साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। 10-10 हजार के इनामी तीनों डकैतों के कब्जे से एक बंदूक, कारतूस व दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है।

पकड़े गए डकैतों ने ललित पटेल द्वारा कोल्हुआ के जंगल में तीन युवकों को मार कर जलाने व बरौंधा थाना क्षेत्र के मुडि़यादेव से हेडमास्टर के अपहरण की पूरी कहानी सुनाई है। एसपी राजेश हिंगणकर ने शुक्रवार को बरौंधा थाना में मीडिया के सामने डकैतों को पेश करते हुए एडी सर्च अभियान की जानकारी दी। डकैतों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई में चित्रकूट एसडीओपी आलोक शर्मा, थाना प्रभारी बरौंधा योगेंद्र सिंह जयशूर व आधा सैकड़ा जवान शामिल रहे।

एक डकैत से बंदूक, दो से कुल्हाड़ी बरामद : पकड़े गए तीनों डकैतों में से सिर्फ एक के पास से ही बंदूक बरामद की गई है। बाकी दो सदस्यों के पास कुल्हाड़ी मिली है। डकैत धनीराम के कब्जे से 12 बोर की दो नली बंदूक, 12 बोर के जिंदा कारतूस, 5 खोखे, 315 बोर के 2 कारतूस व 2 खोके मिले हैं। रजवा व मामू से कुल्हाड़ी बरामद की गई। तीनों डकैतों के पास से गुटका, बीड़ी, माचिस भी मिली। डकैत नमकीन बिस्किट से खाने का काम चला रहे थे।

फिर भी बाकी हैं सवाल
1. पुलिस द्वारा जिन तीन डकैतों को पकड़ा गया उन पर 10-10 हजार रुपए का इनाम होना बताया गया, लेकिन यह जानकारी नहीं दी गई कि तीनों डकैत कब इनामी हुए थे।

2. पुलिस की प्रेस नोट के अनुसार 28 जुलाई की दोपहर 12 बजे तीनों डकैतों का घेरकर पकड़ा गया। जंगल में ललित पटेल की भी टोह ली गई। जबकि पुलिस की प्रेसवार्ता का मैसेज भी इसी समय वायरल होने लगा। क्या पुलिस की कार्रवाई लीक हुई थी?

3. जंगल में गुटखा व नमकीन चबा रहे डकैतों के पास ब्राण्ड न्यू बैग कहां से पहुंच गए।

हवा हो गया ललित
पुलिस के दावे के अनुसार, पकड़े गए डकैतों ने बताया कि ललित पटेल इलाका छोड़कर कहीं और चला गया है। 30 जून को तीन युवकों को अगवा कर गोली मारने के बाद जलाने के पीछे ललित पटेल ही था। ललित ने बरौंधा थाना के मुडि़यादेव माध्यमिक शाला के हेडमास्टर यशोदा कोल को 9 जुलाई को उठा लिया और पुलिस की तमाम सर्चिंग कॉम्बिंग को धता बताते हुए फिरौती भी उगाह ली। गौरतलब है कि 11 जुलाई को भी ललित पटेल गिरोह के दो सदस्य पकड़े जा चुके हैं। नयागांव के जंगल में 10 हजार के इनामी लल्ली पटेल व करिया मवासी दबोचे गए थे। एक पखवाड़े में पांच मेम्बर के पकड़े जाने के बाद ललित पटेल कमजोर हुआ है लेकिन वह फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर है।

पोजीशन लेने से पहले धरे गए
डकैतों को पकडऩे के लिए ऑपरेशन ललित चलाया गया। पुलिस महानिरीक्षक रीवा रेंज अंशुमान यादव 27 जुलाई को बरौंधा पहुंचे और जिले के अधिकारियों के साथ रणनीति तैयार की। 28 जुलाई को एसपी राजेश हिंगणकर व एसडीओपी की टीम बरौंधा क्षेत्र व बांदा यूपी के फतेहगंज के सीमावर्ती जंगल खुरही, पोखरिया व करैला के जंगल की सर्चिंग कर रही थी तभी बरौंधा थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि ललित पटेल गिरोह के कुछ सदस्य वीरगढ़ के जंगल में देखे गए हैं।

दावा किया गया कि जंगल में दोपहर करीब 12 बजे तीन डकैत पुलिस टीम को दिखे। जिन्हें सरेंडर करने के लिए ललकारा गया। सरेंडर करने की बजाय तीनों पुलिस टीम पर फायरिंग करने पोजीशन लेने लगे। उसी दौरान पकड़े गए। डकैतों के नाम धनीराम खैरवार पिता बीरवल 25 वर्ष मुकाम बघोलन थाना फतेहगंज बांदा, रजवा उर्फ राजा खैरवार पिता बिहारी 45 वर्ष निवासी बाघोलन थाना फतेहगंज बांदा व रामेश्वर उर्फ मामू खैरवार पिता सुखनंदन 42 वर्ष निवासी बघोलन थाना फतेहगंज बांदा हाल हाल मुकाम मुडि़यादेव बरौंधा बताया गया। तीनों ललित पटेल गैंग के हार्ड कोर मेम्बर बताए जाते हैं। डकैतों पर पुलिस ने धारा 365,364 भादवि 11/13 एडी एक्ट 25/27 आम्र्स एक्ट के तहत मामला कायम किया है।

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